स्कूलों के लिए खास प्लान, जानें- एजुकेशन सेक्टर को क्या मिला?

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अपना तीसरा बजट पेश कर दिया है. सरकार ने कुल 4 लाख 79 हजार 701 करोड़ का बजट पेश किया है. इस बजट में 22 हजार 212 करोड़ 95 लाख की नई परियोजनाओं को शामिल किया गया है. साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी कई कार्य करने के वादे किए गए हैं और शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के करोड़ों रुपये खर्च की बात कही गई है.

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बजट में शिक्षा को लेकर की गई घोषणाएं ये हैं...

- अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति योजना के लिए 942 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. 

- अरबी फारसी मदरसों के आधुनिकरण के लिए 459 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई हैं.

- काशी हिंदू विश्विद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र खोलने के लिए 16 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

- समग्र शिक्षा अभियान हेतु 18485 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

- मध्याह्न भोजन कार्यक्रम (मिड-डे मिल) के लिए 2275 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के अवस्थापना सुविधाओं विकास हेतु 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है.

- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्र छात्राओं को फ्री में 1 जोड़ी जूता, 2 जोड़ी मौजे और एक स्वेटर देने के लिए 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. 

- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के छात्र छात्राओं को फ्री यूनिफॉर्म देने के लिए 40 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

- वन टांगिया ग्रामों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की स्थापना के लिए 5 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

- साल 2019- 20 में मुफ्त स्कूल बैग वितरण के लिए 110 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है.

अन्य क्षेत्रों के लिए भी कई घोषणाएं

उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में बजट पेश किया. इस बजट में एक तरह से हर वर्ग का ध्यान रखे जाने की कोशिश की गई है. योगी सरकार ने बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी हेतु 5156 करोड रुपये की व्यवस्था है. जबकि अमृत योजना हेतु2200 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया गया है.

ईडी के सूत्रों ने आजतक को बताया कि रॉबर्ट वाड्रा ने कथित रूप से भंडारी के रिश्तेदार सुमित को ई-मेल कर साफ निर्देश दिए थे. सुमित चड्ढा ने संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को मार्क कर कई ई-मेल भेजे थे.

सूत्रों ने बताया कि बुधवार को पूछताछ करने वाले अधिकारी वाड्रा के जवाब से बहुत संतुष्ट नहीं थे और इसीलिए उन्हें गुरुवार सुबह 10.30 बजे फिर से हाजिर होने का आदेश दिया गया. आजतक को यह भी पता चला है कि पूछताछ के दौरान वाड्रा ने इस बात से साफ इंकार किया है कि उनका संजय भंडारी या उसके रिश्तेदार सुमित चड्ढा से किसी तरह का कोई कारोबारी रिश्ता है. हालांकि वाड्रा ने यह स्वीकार किया है कि वह मनोज अरोड़ा को जानते हैं, क्योंकि वह कभी उनके कंपनी में काम करता था, लेकिन उन्होंने कभी भी अरोड़ा को अपनी तरफ से कोई मेल करने का निर्देश नहीं दिया था. वाड्रा ने इस बात से भी साफ इंकार किया कि लंदन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके मालिकाना में कोई प्रॉपर्टी है.

वाड्रा से डिप्टी डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के तीन ईडी अधिकारियों की टीम ने पूछताछ किए थे. वाड्रा से कई तरह के लेन-देन, खरीद और लंदन में कई तरह की अचल संपत्त‍ियों के बारे में पूछताछ की गई. यह मामला तब सामने आया था, जब ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ जांच शुरू की थी. वह वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्प‍िटलिटी एलएलपी से जुड़े एक फर्म का कर्मचारी था.

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