भुवनेश्वर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ओडिशा में फैनी तूफान से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल गनेशी लाल और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी मौजूद रहे। मोदी ने कहा कि नवीन बाबू ने अच्छा काम किया। जान-माल का नुकसान काफी कम हुआ। केंद्र 381 करोड़ रुपए की मदद का पहले ही ऐलान कर चुका है, 1000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। फैनी के चलते ओडिशा के तटीय इलाकों में 34 लोगों की मौत हुई थी।
मोदी ने यह भी कहा, ‘‘लोगों से घर खाली करने के लिए कहा जाता है तो वे ऐसा नहीं करते। इस बार ओडिशा के लोगों ने और मछुआरों ने बेहतरीन काम किया। वरना पता नहीं क्या होता। नुकसान का जायजा लेने केंद्र से एक टीम भी यहां आएगी। 1999 में एक सुपर साइक्लोन ओडिशा से टकराया था। तब करीब 10 हजार लोग इस आपदा का शिकार हुए थे। इस बार क्षति इसलिए कम हुई, क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार को काफी पहले तूफान की जानकारी मिल चुकी थी।’’
12 लाख लोगों को बचाया गया
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी युद्धस्तर पर की गई थी। इस बार 12 लाख लोगों को बचाया गया। 26 लाख लोगों को मैसेज कर तमाम जानकारियां दी गईं। इसके अलावा 45 हजार कर्मचारियों और वॉलंटियर्स को हालात से निपटने के लिए तैनात किया गया था।
यूएन ने कहा- सरकार और मौसम विभाग ने अच्छा काम किया
संयुक्त राष्ट्र के डिजास्टर रिस्क रिडक्शन विभाग ने भारत सरकार की तारीफ की। यूएन ने कहा- सरकार की जीरो केजुअल्टी पॉलिसी और मौसम विभाग के वॉर्निंग सिस्टम से मिली सटीक चेतावनियों के चलते नुकसान को काफी कम कर दिया गया। जान-माल के नुकसान के लिहाज से देखा जाए तो उन लोगों ने अच्छा काम किया। सटीक चेतावनियों के चलते वक्त रहते 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
कोलंबो. सरकार ने लोगों से तलवार, धारदार हथियार और सेना की वर्दी को सौंपने के लिए 48 घंटे का समय और बढ़ा दिया है। हथियारों को सौंपने का समय सोमवार आधी रात को समाप्त होने वाली थी। ईस्टर हमले के बाद मस्जिदों और घरों में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में तलवार और धारदार हथियार मिले थे। इसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है। पुलिस मीडिया के प्रवक्ता एसपी रुवन गुणशेखर ने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने देशभर के थानों को इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं।
सिंहला समुदाय और मुस्लिमों के बीच भिड़ंत
श्रीलंका के नेगोंबो में स्थानीय सिंहला समुदाय और मुस्लिमों के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिस ने सोमवार को इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। श्रीलंका के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर सुमित अटापट्टू ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले कर्फ्यू लगाया गया था। हालांकि, सुबह ही इसे हटा लिया गया। अफवाहों को रोकने के लिए शहर में सोशल मीडिया साइट्स बैन कर दी गई हैं।
नेगोंबो की चर्च में हुआ था ब्लास्ट
श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए सीरियल ब्लास्ट में आतंकियों ने नेगोंबो के एक चर्च को निशाना बनाया था। हालांकि, धमाकों के बाद दोनों समुदाय में टकराव का यह पहला मामला है। बताया गया है कि अधिकारी शहर में रविवार को स्कूलों को दोबारा खोलने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच सिंहला और मुस्लिमों के बीच टकराव हो गया। उपद्रवियों ने मोटरसाइकिलों और टैक्सियों में तोड़फोड़ की। फिलहाल सरकार ने इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स कमांडो तैनात किए हैं। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।
मोदी ने यह भी कहा, ‘‘लोगों से घर खाली करने के लिए कहा जाता है तो वे ऐसा नहीं करते। इस बार ओडिशा के लोगों ने और मछुआरों ने बेहतरीन काम किया। वरना पता नहीं क्या होता। नुकसान का जायजा लेने केंद्र से एक टीम भी यहां आएगी। 1999 में एक सुपर साइक्लोन ओडिशा से टकराया था। तब करीब 10 हजार लोग इस आपदा का शिकार हुए थे। इस बार क्षति इसलिए कम हुई, क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार को काफी पहले तूफान की जानकारी मिल चुकी थी।’’
12 लाख लोगों को बचाया गया
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी युद्धस्तर पर की गई थी। इस बार 12 लाख लोगों को बचाया गया। 26 लाख लोगों को मैसेज कर तमाम जानकारियां दी गईं। इसके अलावा 45 हजार कर्मचारियों और वॉलंटियर्स को हालात से निपटने के लिए तैनात किया गया था।
यूएन ने कहा- सरकार और मौसम विभाग ने अच्छा काम किया
संयुक्त राष्ट्र के डिजास्टर रिस्क रिडक्शन विभाग ने भारत सरकार की तारीफ की। यूएन ने कहा- सरकार की जीरो केजुअल्टी पॉलिसी और मौसम विभाग के वॉर्निंग सिस्टम से मिली सटीक चेतावनियों के चलते नुकसान को काफी कम कर दिया गया। जान-माल के नुकसान के लिहाज से देखा जाए तो उन लोगों ने अच्छा काम किया। सटीक चेतावनियों के चलते वक्त रहते 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
कोलंबो. सरकार ने लोगों से तलवार, धारदार हथियार और सेना की वर्दी को सौंपने के लिए 48 घंटे का समय और बढ़ा दिया है। हथियारों को सौंपने का समय सोमवार आधी रात को समाप्त होने वाली थी। ईस्टर हमले के बाद मस्जिदों और घरों में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में तलवार और धारदार हथियार मिले थे। इसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है। पुलिस मीडिया के प्रवक्ता एसपी रुवन गुणशेखर ने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने देशभर के थानों को इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं।
सिंहला समुदाय और मुस्लिमों के बीच भिड़ंत
श्रीलंका के नेगोंबो में स्थानीय सिंहला समुदाय और मुस्लिमों के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिस ने सोमवार को इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। श्रीलंका के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर सुमित अटापट्टू ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले कर्फ्यू लगाया गया था। हालांकि, सुबह ही इसे हटा लिया गया। अफवाहों को रोकने के लिए शहर में सोशल मीडिया साइट्स बैन कर दी गई हैं।
नेगोंबो की चर्च में हुआ था ब्लास्ट
श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए सीरियल ब्लास्ट में आतंकियों ने नेगोंबो के एक चर्च को निशाना बनाया था। हालांकि, धमाकों के बाद दोनों समुदाय में टकराव का यह पहला मामला है। बताया गया है कि अधिकारी शहर में रविवार को स्कूलों को दोबारा खोलने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच सिंहला और मुस्लिमों के बीच टकराव हो गया। उपद्रवियों ने मोटरसाइकिलों और टैक्सियों में तोड़फोड़ की। फिलहाल सरकार ने इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स कमांडो तैनात किए हैं। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।
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