एजेंडा आजतक में सोनू निगम ने बताया- क्यों हुए थे ट्विटर से दूर

एजेंडा आजतक कार्यक्रम में सोनू निगम ने तमाम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की. उन्होंने बताया कि क्या वजह थी जो वह ट्विटर से दूर हो गए. सोनू ने कहा, "मैं अपनी जिंदगी को बहुत पवित्र रखता हूं. मैं जीवन में किसी पर निर्भर नहीं हूं. मैंने काफी चीजें अपने जीवन से सीखी हैं. ये भी कि कहीं भी निगेटिविटी हो वहां अपने आप को न झोंको. ऐसी जगह जहां कोई भी गधा आपको ज्ञान दे जाए."

उन्होंने कहा, "इसलिए मैं ऐसी जगहों पर नहीं दिखता हूं. मैं जहां लोग निगेटिव दिखते हैं छोड़ देता हूं. ट्विटर में जो लोग होते हैं वो 'गटारिटी' होती है. ट्विटर की गलती इसमें नहीं है. दरअसल, बंदर के हाथ में बंदूक लग गई है. बोलने के हक़ के नाम पर लोग जस्टिफाई करते हैं वहां. कोई सेलिब्रिटी ने स्पेलिंग मिस्टेक कर दी तो लोग सुनाने लग जाते हैं. और तुम गाली दे दो ये अलाउड है."

लाउडस्पीकर विवाद पर खुलकर की बात-

"मेरा गुस्सा तो देखा नहीं आपने. मैं विवादों में नहीं रहता. मैं ऐसी बात करता हूं जिसको यदि आप सपोर्ट नहीं करेंगे तो आपकी अक्ल कम दिखेगी. जब मैंने लाउडस्पीकर की बात कही थी तो जिन लोगों ने उस बात को सपोर्ट नहीं किया उनकी अक्ल कम दिखी. बात हम लीगल कर रहे हैं. 10 बजे के बाद हम लोग शो नहीं करते. अगर मैं अपने घर के बाहर भोंपू लगा कर गीता का पाठ चला दूं तो चलेगा."

"हम एक समाज में रह रहे हैं जहां हमारी जिम्मेदारियां भी तो होती हैं. सिर्फ अधिकार ही तो नहीं होते है. हमने स्कूल में पढ़ा था. जब अधिकार होते हैं तो उतनी ही जिम्मेदारियां भी होती हैं. यदि नियम बनाए गए हैं तो उन्हें फॉलो भी किया जाना चाहिए. कहा जाता है कि 10 बजे के बाद मत गाइए हम नहीं गाते हैं."

रफ़ी का कौन सा सबसे फेवरेट गाना है

"रफ़ी साहब से मेरा परिचय मेरे माता पिता ने कराया. मेरे पेरेंट्स ने रफ़ी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर, मुकेश, मन्ना डे जैसे तमाम सिंगर्स से मुझे मिलवाया. हमने ये गलती नहीं कि, फला बहुत अच्छे हैं और फला खराब हैं. हमने सबको सुना और सबसे कुछ न कुछ सीखा. ऐसे ही मैं बड़ा हुआ. मेरी जिंदगी में एक भी गाना ऐसा नहीं होगा जिसमें मैंने सहगल साहब से लेकर रफ़ी साहब तक को याद नहीं किया हो."

"इंसान को कभी भी किसी दौर को हलके में नहीं लेना चाहिए. हर दौर के लोग अपने से बाद वाले को कहते हैं कि ये क्या कर रहा है यार, हमारे दौर में ऐसा था. अभी भी तमाम सिंगर्स अच्छे आ रहे हैं. वो बहुत बेहतर हैं. इस दौर में एल्बम का दौर ख़त्म हो गया है लेकिन सिंगल्स आ रहे हैं. लेकिन ये माहौल ऐसा भी है जब तमाम नई चीजें भी आ गई हैं."

पहला गाना कौन सा था जो सुपरहिट हुआ

"मुझे रातोंरात कुछ नहीं मिला. बेवफा सनम एल्बम थी. वो हिट हुई. उसके बाद फिल्म आई. टीवी पर होस्ट किया. सारेगामापा. फिर संदेशे आते हैं. फिर ये दिल दीवाना...फिर कई गाने और फ़िल्में आईं. स्टेप बाई स्टेप होता रहा ये सब. रातोंरात कुछ नहीं हुआ. भगवान मुझे तैयार करता रहा कि तेरे को झटके से नहीं दूंगा. फेज दर फेज दूंगा."

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